अधिकतर लोगों का यही सवाल है कि इसकी शुरुआत कैसे की जाए। किसी भी काम की शुरुआत के लिए आपको सबसे पहले उसे देखना सुनना ओर समझना होता है ताकि आप पहले अपना पूर्ण मन से सहमत हो सकें कि मैं इस काम को करना पसंद करूँगा। शुरुआत में अगर आप कोई ऐसा व्यक्ति तलाश सकें जो पहले से ही इस काम में हो तो बहुत ही बढ़िया बात है आप उसके साथ दोस्ती करें उसके काम में उसकी हेल्प करें और धीरे धीरे इसे सीखें । एक साल आपको सिर्फ सीखने पर ही ध्यान देना है ना कि शहद कैसे निकालूं केवल इस बात पे।

एक साल का अध्यन अति आवश्यक क्यों है?

यों तो आप मधुमक्खियां खरीद कर कभी भी इसे शुरू कर सकते हैं किंतु आपको इसकी समझ तब तक पूरी नही हो सकेगी जब तक कि आप पूरे सर्किल को न समझ लें। जिसमें वो सभी बातें आ जाएं जो जरूरी हैं। कभी कभी इससे ज्यादा समय भी लग जाता है। उनकी ऑफ सीजन मैनेजमेंट या अन्य जरूरतों का पता हमें तभी चलता है जब हम लंबे समय तक अनुभव लें । अगर आपको पूरी जानकारी या अनुभव नहीं होगा तो आपकी मधुमक्खियां मर सकती हैं या कम हो सकती हैं और नतीजा नुकसान के रूप में आपके सामने आ जायेगा। इसलिए अनुभव लेना अत्यंत जरूरी है।

मधुमक्खियों  को लेते समय ध्यान देंने योग्य बातें कौन सी हैं?

आप जब ये निर्णय ले चुके होते हैं कि मैं इस काम को करना चाहूंगा तो आप को मधुमक्खियां खरीदनी पड़ेंगी। भारत में इसका अनुमानित मूल्य 4000 से 5000 रुपये प्रति बी कॉलोनी हो सकती है। जगह स्थान और सीजन के हिसाब से इसके रेट कम ज्यादा होता रहता है। इसको बेचने वाले लोग बी कीपरर्स ही होते हैं जो नए बी कीपर्स या पुराने बी कीपर को सेल करते हैं। किंतु इसकी खरीद के समय ये सुनिश्चित कर लें की उसमें फ्रेम पूरे हैं या नहीं, कोई किसी भी प्रकार की बीमारी उनमें ना हो, रानी मधुमक्खी उसमे है या नहीं, अपनी बी फॉर्म को कौन से स्थान पे आपको रखना है इत्यादि।

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