छत्ते को बार-बार खोलने की बजाय मधुमक्खियों को प्रवेश द्वार से देखना एक समझदारी और मधुमक्खी-हितैषी तरीका है। इसके कई फायदे हैं:


1. मधुमक्खियों पर कम तनाव: बार-बार छत्ता खोलने से मधुमक्खियां परेशान हो जाती हैं। उनके काम में रुकावट आती है। बाहर से देखने पर वे अपनी दिनचर्या में व्यवस्थित रहती हैं।

2. तापमान और नमी का संतुलन: छत्ते के अंदर का तापमान और नमी का संतुलन बहुत जरूरी होता है, खासकर बच्चों (ब्रूड) और शहद के लिए। बार-बार छत्ता खोलने से यह संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे नुकसान हो सकता है।

3. बीमारियों का खतरा कम: बार-बार छत्ता खोलने से बीमारियां या कीट, जैसे वररोआ माइट्स, फैलने का खतरा बढ़ जाता है। कम छेड़छाड़ करने से यह जोखिम कम हो जाता है।

4. समय की बचत: बाहर से देखकर आप छत्ते की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगा सकते हैं। जैसे – मधुमक्खियों का पराग लाना, पहरेदार मधुमक्खियां, उड़ान की गतिविधियां, ये सब उनके स्वस्थ होने के संकेत दे सकते हैं।

5. प्राकृतिक व्यवहार को प्रोत्साहन: छत्ते को बार-बार खोलने से मधुमक्खियों का स्वाभाविक व्यवहार प्रभावित होता है। बाहर से देखने पर वे अपने प्राकृतिक तरीके से काम करती हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।

6. मधुमक्खी पालक के लिए सुरक्षित: कम छत्ता खोलने पर मधुमक्खियां गुस्सा कम करती हैं, जिससे पालक के लिए भी यह तरीका सुरक्षित बनता है।

प्रवेश द्वार से क्या देखें?

पराग (पॉलन): मधुमक्खियां पराग लेकर आ रही हैं तो इसका मतलब है कि छत्ते में बच्चों की परवरिश हो रही है।

उड़ान गतिविधि: मधुमक्खियों की लगातार आवाजाही से पता चलता है कि छत्ता स्वस्थ और सक्रिय है।

पहरेदार मधुमक्खियां: प्रवेश द्वार पर पहरेदार दिखें तो समझें छत्ता सुरक्षित है।

मलबा: छत्ते के पास गिरे मलबे या मरी हुई मधुमक्खियों पर नजर रखें, यह बीमारी या कीटों का संकेत हो सकता है।


निष्कर्ष

छत्ते को कम खोलने और प्रवेश द्वार से निरीक्षण करने का तरीका अपनाकर आप मधुमक्खियों के स्वास्थ्य और उत्पादकता को बेहतर बना सकते हैं। यह न केवल मधुमक्खियों को लाभ पहुंचाता है बल्कि मधुमक्खी पालक के लिए भी एक आसान और सुरक्षित तरीका है।


Related Post

  • वैक्स मोथ या मोमी कीड़ा

    साथियों मधुमक्खी पालक एक बहुत बड़ी समस्या से होकर गुजरते हैं इस समस्या से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए और क्या सावधानियां बरतनी चाहिए इसी के बारे में हम बात करेंगे। इस विषय में सबसे महत्वपूर्ण बात है कि हमें अपने मधुमाक्खियों के छत्तों को कभी भी खाली नहीं छोड़ना चाहिए। जिन छत्तों में मधुमक्खियां ना हों उन्हें कॉलोनी से निकाल देना चाहिए। कॉलोनी जितनी कमजोर होगी उतनी ही बीमारियां अधिक होती हैं इस प्रॉब्लम से बचने के लिए कॉलोनी को कमजोर ना होने दें। कॉलोनी की साफ सफाई का ध्यान रखें ताकि बीमारियां काम से कम हों। वैक्स मोथ या मोमी कीड़ा ठंड में नही होता इसलिए जिन छत्तों में प्रॉब्लम आ चुकी हो या उन्हें सुरक्षित करना हो उसे आप कम…

  • मधुमक्खी पालन कम समय में अधिक लाभ

    मधुमक्खी पालन के काम की बहुत सी खूबियां होती हैं जिन्हे जानना आवश्यक होता है । इस काम में आपको हमेशा उनके पीछे लगे रहने की जरुरत नहीं रहती, ऐसा और जीवो के साथ हो सकता है कि आपको उनका ध्यान २४ घंटे रखना पड़ता हो पर मधुमक्खी पालन में आपको हर दिन देखना जरुरी नहीं होता अगर आप ७ दिन में एक बार या जब शहद हार्वेस्टिंग का टाइम होता है तब भी विजिट करते हो तब भी कोई प्रॉब्लम नहीं होती । आप को हार्वेस्टिंग टाइम या फीडिंग के समय ज्यादा ध्यान रखना होता है सर्दियों में भी आप सब का काम समय लगता है और आप को केवल देखभाल करनी होती है । थोड़ा समय दे कर आप चाहें तो इसे पार्ट…

  • |

    मधुमक्खी कॉलोनी प्रबंधन में संतुलन बनाए रखने के उपाय

    Bee Keeping Management methods 1. कॉलोनी की ताकत की निगरानी करें   • कॉलोनी का नियमित निरीक्षण करें ताकि जनसंख्या, ब्रूड पैटर्न, और भोजन के भंडार का आकलन किया जा सके।• सुनिश्चित करें कि रानी (क्वीन) स्वस्थ है और लगातार अंडे दे रही है।• कमजोर रानी को हटाकर ताकतवर रानी से बदलें। 2. पर्याप्त भोजन की आपूर्ति करें • कॉलोनी में हमेशा पर्याप्त शहद और पराग (पोलन) का भंडार सुनिश्चित करें, खासकर भोजन की कमी के दौरान।• कमी के समय चीनी का घोल या पोलन का विकल्प दें, लेकिन अधिक मात्रा में न दें क्योंकि इससे लूट (रोबिंग) की समस्या हो सकती है। 3. झुंड बनाने (स्वार्मिंग) को नियंत्रित करें • कॉलोनी में भीड़भाड़ होने से रोकने के लिए अतिरिक्त जगह (सुपर्स) जोड़ें या मजबूत कॉलोनियों…

  • |

    Latest Honey Rates in India: A Must-Read for Beekeepers Looking to Sell

    Latest Honey Rates in India: A Must-Read for Beekeepers Looking to Sell Are you a beekeeper in India wondering about the current market rates of honey? You’re not alone. With the rising interest in natural products and organic honey, many beekeepers are looking for reliable platforms to not only check honey prices but also sell their honey directly to buyers. At Beekeeping India, we’ve created the perfect solution for you. Why Knowing Honey Prices Matters for Beekeepers Whether you’re just starting out or are a seasoned beekeeper, knowing the right selling price of honey is crucial. It helps you: But the challenge has always been — where do you find real-time or regularly updated honey rates in India? Introducing Our Honey Marketplace To bridge this…

  • भारत में बाजरा पोलीनेशन

     नमस्कार साथियों,       मधुमक्खी पालकों के लिए बाजरे की फसल पोलीनेशन के लिए तैयार है जिन साथियों को बाजरे में अपनी  मधुमाक्खियों को ले कर जाना है वो साथी अपनी जगह को तलाश कर आप सब अपनी मधुमाक्खियों को बढ़ा सकते हैं। बाजरा की फसल उत्तरी भारत के कई इलाकों में पाई जाती हैं। मानचित्र में दिखाया गया है कि भारत में बाजरा किन किन राज्यों में पाया जाता है। जिन साथियों को ओर अधिक जानकारी चाहिए वो हमसे संपर्क कर सकते हैं या हमारी वेबसाइट पर जल्दी ही आपको हर मौसम में कौन कौन से फूल कौन कौन सी जगह उपलब्ध होते हैं इसकी जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। जो साथी मधुमक्खी पालन कर रहे हैं या करना चाहते हैं उनको हमारी वेबसाइट…

  • Export of Artificial Pollen from India

    Hi friends, We are a producers of good quality of Artificial Pollen from India. We export the pollen for feeding bees in the world. This facility is for the support of the Bee Keepers in the world to help them to feed bees in the dearth period. Bees are very needy during the dearth period to consume pollen to grow the generation. Bee’s collect the natural pollen from the flowers to feed the larva and baby bee’s in the colony. In the dearth period bee’s unable to find the pollen from the flower’s because of flowers don’t exist in the nature always. The result is slowing the growth of the bee’s. The queen stop egging because of the low food resource outside for the foragers….

Leave a Reply